Search

पिट्स इंडिया एक्ट/Pits India act

 

पिट्स इंडिया एक्ट/Pits India act:



नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका historywithsharmaji blog में। इस आर्टिकल मे दोस्तों हम आधुनिक भारत के इतिहास के एक महत्वपूर्ण टॉपिक पिट्स इंडिया एक्ट के बारे मे अध्ययन करेंगे:


पिट्स इंडिया एक्ट






पिट्स इंडिया एक्ट/Pits India act: 1773 ईस्वी में पारित हुए रेगुलेटिंग एक्ट के दोषों को दूर करने के लिए सन 1781 ईस्वी में एक्ट आफ सेटलमेंट पारित हुआ। उसके पश्चात 1784 ईस्वी में पिट्स का इंडिया एक्ट पारित हुआ। जनवरी 1784 ईस्वी में पीट द यंगर जो बाद के चुनावों में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बने,ने इस बिल को प्रस्तुत किया था। सात महीने के बाद यह बिल पारित हुआ जो पिट्स इंडिया एक्ट के नाम से भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध है।









पिट्स इंडिया एक्ट/Pits India act की विशेषताएं:    इस अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है जो इस प्रकार से हैं:

1 .  इस अधिनियम के द्वारा छ: सदस्यीय समिति वाला एक बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई। इन सभी सदस्यों की नियुक्ति ताज के द्वारा होती थी।


2.   निदेशक मंडल को यथावत रखा गया।


3.  इस अधिनियम के द्वारा गवर्नर जनरल के समिति के सदस्यों की संख्या चार से तीन कर दी गई।


4.  इस अधिनियम के द्वारा कंपनी के राजनीतिक एवं व्यापारिक कार्यों को अलग-अलग किया गया


5.  इस अधिनियम द्वारा द्वैध शासन तंत्र लागू किया गया।इसके द्वारा व्यापारिक कार्यों को संभालने की जिम्मेदारी निदेशक मंडल और राजनीतिक विषयों को संभालने की जिम्मेदारी बोर्ड ऑफ कंट्रोल को दिया गया।


6.  इस अधिनियम द्वारा कोलकाता ब्रिटिश आधिपत्य की राजधानी बन गई।




Previous
Next Post »

1 Reviews:

Click here for Reviews
बेनामी
admin
9 अप्रैल 2025 को 11:10 pm बजे ×

Very nice

Congrats bro बेनामी you got PERTAMAX...! hehehehe...
Reply
avatar