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पंबन ब्रिज/Pamban bridge

 पंबन ब्रिज/Pamban bridge :

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका historywithsharmaji blog में। इस आर्टिकल मे दोस्तों हम भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 6 अप्रैल को तमिलनाडु में स्थित पंबन ब्रिज के उद्घाटन के बारे मे अध्ययन करेंगे :


पंबन ब्रिज/Pamban bridge



पंबन ब्रिज/Pamban bridge : दोस्तों 6 अप्रैल 2025 का दिन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन बन गया क्योंकि इस दिन भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में देश का प्रथम वर्टिकल सस्पेंशन ब्रिज, पंबन ब्रिज को देश को समर्पित किया । तमिलनाडु के निले समुद्री तट पर स्थित यह दीप रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ता है जो भारतीय इंजीनियरिंग का एक महत्वपूर्ण चमत्कार है। इस ब्रिज ने 1914 में निर्मित पुराने पंबन ब्रिज का स्थान लिया है ।



पंबन ब्रिज की विशेषताएं : दोस्तों पंबन ब्रिज की प्रमुख विशेषताएं हैं जो इस प्रकार से हैं: 


1.यह देश का प्रथम वर्टिकल सस्पेंशन ब्रिज है।

 
2.इसकी वर्टिकल लिफ्ट प्रणाली समुद्री जहाज के निर्बाध आवागमन के लिए मध्य भाग को 63 मीटर ऊपर उठाने में सक्षम है।


3.इस पुल की लंबाई 2.07 Km है।


4.इस पुल के निर्माण में 750 करोड़ रूपये की लागत आई है।


5.इस पुल में दो विशाल टावर है जो इसको मजबूती और भव्यता प्रदान करते है।


6.समय के साथ जर्जर हो चुके पुराने पुल के बाद यह नया निर्माण नो केवल परिवहन को सुगम बनाएगा बल्कि यह क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक समृद्धि को एक नई गति प्रदान करेगा। 


7.रामेश्वरम जो आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, स्कूल के निर्माण से पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगा।


8.इस पुल का निर्माण दक्षिण भारत के विकास गति में एक मील का पत्थर साबित होगा


9.यह पुल मात्र एक संरचना ही नहीं है बल्कि भारत की दूरदर्शिता का जीवंत प्रमाण है।


10.इस पुल का निर्माण हो जाने से भारतीय तटरक्षक के जहाजो का आवागमन सुचारू रूप से होगा जिस देश की सुरक्षा में लाभ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भारतीय तटरक्षक जहाज को भीफ्लैग ऑफ किया।

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