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दांडी मार्च : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का क्रांतिकारी मोड़


दांडी मार्च : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का क्रांतिकारी मोड़


परिचय:

महात्मा गांधी के 11 सूत्रीय मांगो का कोई उचित जवाब न देने के कारण 2 मार्च 1930 ई को गांधी जी ने वायसराय को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने ब्रिटिश शासन के दुष्प्रभाव तथा अपनी 11 सूत्री मांगों का उल्लेख किया जो सरकार के सम्मुख पेश की गई थी महात्मा गांधी ने कहा यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने का कोई प्रयत्न नहीं करेगी तो 12 मार्च को वह नमक कानून का उल्लंघन करेंगे। ब्रिटिश सरकार द्वारा गांधी जी के पत्र का कोई सार्थक जवाब न मिलने के कारण गांधी जी ने 12 मार्च 1930 ई को साबरमती आश्रम से अपने 78 समर्थकों के साथ डंडी के लिए पदयात्रा प्रारंभ की। दांडी मार्च की यात्रा 24 दिनों में पूर्ण हुई महात्मा गांधी जी अपने समर्थकों के साथ 240 किलोमीटर की यात्रा करने के पश्चात 5 अप्रैल को दांडी नामक स्थान पहुंचे और 6 अप्रैल को गांधी जी ने समुद्र तट में नमक बनाकर के नमक कानून तोड़ा।दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक और निर्णायक चरण था, जिसने महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसक असहयोग का प्रतीक प्रस्तुत किया। यह मार्च केवल नमक कानून को तोड़ने का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध भारतीय जनमानस की एकजुटता और आत्मनिर्भरता की उद्घोषणा थी।

दांडी मार्च






🔍 दांडी मार्च का उद्देश्य क्या था?


दांडी मार्च (Dandi March), जिसे नमक सत्याग्रह (Salt Satyagraha) भी कहा जाता है, 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया एक सविनय अवज्ञा आंदोलन था। इसका मुख्य उद्देश्य था – ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए नमक कर का विरोध करना।



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दांडी मार्च से संबंधित मुख्य तिथियाँ और तथ्य:


विवरण जानकारी :


प्रारंभ तिथि   : 12 मार्च 1930

समाप्ति तिथि : 6 अप्रैल 1930

आरंभ स्थल    :साबरमती आश्रम, अहमदाबाद (गुजरात)

अंतिम स्थल     : दांडी गाँव, नवसारी ज़िला, गुजरात

कुल दूरी          :   लगभग 240 मील (384 किमी)

प्रतिभागी     : महात्मा गांधी सहित 78 अनुयायी

उद्देश्य          :ब्रिटिश नमक कानून का विरोध करना




 नमक – आंदोलन का प्रतीक क्यों?

महात्मा गांधी ने आंदोलन के लिए नमक ही चुना इसके निम्नलिखित कारण थे:


1.  नमक एक दैनिक आवश्यकता की वस्तु है, जो सभी वर्गों द्वारा उपयोग की जाती है।


2. ब्रिटिश सरकार ने इसपर कर (Tax) लगाकर गरीबों को भी प्रभावित किया।

3. नमक पर कर का विरोध एक प्रतीकात्मक संघर्ष था, जो औपनिवेशिक उत्पीड़न के विरुद्ध जन-आंदोलन बना।



 👣 दांडी मार्च की प्रमुख विशेषताएं:

1. अहिंसात्मक प्रतिरोध: यह पूरी तरह से अहिंसात्मक था, जो गांधीजी के दर्शन पर आधारित था।

2. ग्राम्य भारत की भागीदारी: गांधीजी ने मार्ग में विभिन्न गाँवों में रुककर जनता को जागरूक किया।

3. प्रेरणा का स्रोत: इसने महिलाओं, किसानों, छात्रों और आम जनता को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

4. ब्रिटिश शासन की चुनौती: अंग्रेज सरकार के लिए यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का कारण बना।





📢 दांडी मार्च का महत्वपूर्ण प्रभाव:


राजनीतिक: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का विस्तार किया।


सामाजिक: हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ी


अंतर्राष्ट्रीय: भारत की स्वतंत्रता की माँग को वैश्विक पहचान मिली


प्रशासनिक: अंग्रेज सरकार ने कई नेताओं को गिरफ्तार किया, जिससे जनाक्रोश और बढ़ा




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👤 दांडी मार्च में महात्मा गांधी की भूमिका:


गांधीजी ने इस आंदोलन के माध्यम से ‘अहिंसा’, ‘सत्य’ और ‘सविनय अवज्ञा’ के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया।उन्होंने एक साधारण वस्तु नमक को राष्ट्रीय संघर्ष का प्रतीक बना दिया।यह उनकी नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक सोच और जनमानस को जोड़ने की अद्वितीय शैली का उदाहरण है।

9 अप्रैल को गांधी जी ने एक निर्देश जारी करके आंदोलन के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम प्रस्तुत किया : 

1. जहां कहीं भी संभव हो लोग नमक कानून तोड़कर नमक तैयार करें।

2. शराब की दुकानों विदेशी कपड़ों की दुकानों तथा अफीम के ठेकों के समक्ष धरने आयोजित किए जाएं 

3. यदि हमारे पास पर्याप्त शक्ति हो तो हम करो कि दी का विरोध कर सकते हैं। 

4. महात्मा गांधी ने अपील किया कि वकील अपनी वकालत छोड़ सकते हैं। 

5. सरकारी कर्मचारी अपने पदों से त्यागपत्र दे सकते हैं।


📸 महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं:


1.   6 अप्रैल 1930 को गांधीजी ने दांडी पहुँचकर समुद्र के पानी से नमक बनाकर कानून का उल्लंघन किया।


2.  इसके पश्चात् देशभर में हजारों सत्याग्रही गिरफ्तार हुए।


3.  आंदोलन में सरोजिनी नायडू, अब्बास तैयबजी, कमला देवी चट्टोपाध्याय जैसे नेताओं ने अग्रणी भूमिका निभाई।




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📚 UPSC दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण बिंदु:


मुख्य परीक्षा (GS Paper-1):


स्वतंत्रता संग्राम में दांडी मार्च का स्थान


गांधीवादी आंदोलनों की रणनीति और प्रभाव



निबंध/साक्षात्कार:


अहिंसा की शक्ति का प्रदर्शन


प्रतीकात्मक विरोध के रूप में नमक सत्याग्रह



प्रारंभिक परीक्षा (Prelims):


दांडी मार्च की तिथि, स्थान, उद्देश्य


प्रमुख व्यक्तित्वों की भूमिका




🧠 निष्कर्ष:


दांडी मार्च सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि भारतीय आत्म-सम्मान और स्वतंत्रता की भावना का उद्घोष था। यह आंदोलन यह सिद्ध करता है कि एक साधारण नागरिक भी यदि संकल्प और नैतिक बल के साथ खड़ा हो जाए, तो वह साम्राज्यवादी सत्ता को भी चुनौती दे सकता है। 



🔖 प्रमुख MCQs – UPSC/PSC के लिए:


यहाँ दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) पर आधारित 12 महत्वपूर्ण MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न) हिंदी में दिए जा रहे हैं, जो UPSC, राज्य PSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं:



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📝 दांडी मार्च पर 10 महत्वपूर्ण MCQ (हिंदी में)


प्रश्न 1: दांडी मार्च किस वर्ष आरंभ हुआ था?

a) 1928

b) 1930 ✅

c) 1932

d) 1935



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प्रश्न 2: दांडी मार्च की शुरुआत कहाँ से हुई थी?

a) सेवाग्राम आश्रम

b) यरवदा जेल

c) साबरमती आश्रम ✅

d) वर्धा



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प्रश्न 3: दांडी मार्च का प्रमुख उद्देश्य क्या था?

a) विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार

b) अंग्रेजों से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग

c) नमक कानून का विरोध ✅

d) खिलाफत आंदोलन को समर्थन देना



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प्रश्न 4: दांडी मार्च कितनी दूरी तक किया गया था?

a) 200 किमी

b) 240 मील ✅

c) 500 मील

d) 150 मील



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प्रश्न 5: दांडी मार्च की समाप्ति किस स्थान पर हुई थी?

a) वर्धा

b) बंबई

c) दांडी ✅

d) नागपुर



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प्रश्न 6: दांडी मार्च के दौरान महात्मा गांधी के साथ कितने अनुयायी थे?

a) 50

b) 62

c) 78 ✅

d) 100



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प्रश्न 7: दांडी मार्च के दौरान गांधीजी ने किस दिन नमक कानून तोड़ा था?

a) 12 मार्च 1930

b) 6 अप्रैल 1930 ✅

c) 26 जनवरी 1930

d) 15 अगस्त 1930



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प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन-सी महिला ने नमक सत्याग्रह में सक्रिय भाग लिया था?

a) एनी बेसेंट

b) विजयलक्ष्मी पंडित

c) सरोजिनी नायडू ✅

d) लक्ष्मी सहगल



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प्रश्न 9: दांडी मार्च किस व्यापक आंदोलन का हिस्सा था?

a) स्वदेशी आंदोलन

b) असहयोग आंदोलन

c) सविनय अवज्ञा आंदोलन ✅

d) भारत छोड़ो आंदोलन



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प्रश्न 10: दांडी मार्च के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a) यह एक हिंसक आंदोलन था

b) यह केवल गुजरात में सीमित था

c) इसने पूरे देश में जन-आंदोलन को प्रेरित किया ✅

d) इसमें केवल नेता वर्ग ने भाग लिया



प्रश्न 11 दांडी मार्च किस उद्देश्य से किया गया था?

a) खिलाफत आंदोलन

b) स्वदेशी आंदोलन

c) नमक कर का विरोध ✅

d) बंटवारे का विरोध


प्रश्न 12. दांडी मार्च कि

तनी दूरी तक किया गया था?

a) 200 किमी

b) 240 मील ✅

c) 500 मील

d) 100 किमी



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